Bhagvad Gita - 6.30 Discussion - 27 July 2020
Bhagwad Gita . 6.30
यो मां पश्यति सर्वत्र सर्वं च मयि पश्यति ।
तस्याहं न प्रणश्यामि स च मे न प्रणश्यति ॥ ३० ॥
तस्याहं न प्रणश्यामि स च मे न प्रणश्यति ॥ ३० ॥
yo māṁ paśyati sarvatra
sarvaṁ ca mayi paśyati
tasyāhaṁ na praṇaśyāmi
sa ca me na praṇaśyati
sarvaṁ ca mayi paśyati
tasyāhaṁ na praṇaśyāmi
sa ca me na praṇaśyati
- भगवान यह पर बता रहे है, की भक्त उनके लिए कितना महत्व रखता है, क्योंकि भक्त के लिए भगवान इतने महत्व रखते है। भगवान अपने भक्त के साथ अपना सम्बंध बता रहे है, ना तो भक्त मुझे कभी देखना छोड़ता है, और ना मैं कभी भक्त को देखना छोड़ता हूँ।
- शिक्षाष्टकटम 7 में गोविंद विरहेण में
- 13:30 mins
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